काल सर्प दोष पूजा त्र्यंबकेश्वर
त्र्यंबकेश्वर मंदिर महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित एक अत्यंत पवित्र और प्रसिद्ध तीर्थस्थल है। यह मंदिर भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जहाँ भगवान शिव के साथ भगवान ब्रह्मा और भगवान विष्णु के प्रतीक भी स्थापित हैं। मंदिर परिसर में स्थित पवित्र कुशावर्त कुंड और अमृतवर्षिणी कुआँ इसकी आध्यात्मिक महिमा को और बढ़ाते हैं। इसी कारण यहाँ की जाने वाली पूजा-विधियाँ अत्यंत प्रभावशाली और फलदायी मानी जाती हैं। त्र्यंबकेश्वर काल सर्प पूजा का महत्व वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब राहु और केतु कुंडली में अशुभ स्थिति में होते हैं, तब काल सर्प दोष बनता है। इसके कारण व्यक्ति के जीवन में बार-बार रुकावटें, आर्थिक हानि, विवाह में देरी, मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में त्र्यंबकेश्वर काल सर्प पूजा एक शक्तिशाली उपाय मानी जाती है।